अबू धाबी, 24 जून।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पश्चिम एशिया में शांति के लिए ईरानी प्रॉक्सी समूहों की गतिविधियों को सबसे बड़ी बाधा बताया है। खाड़ी देशों के दौरे पर पहुंचे रुबियो ने स्पष्ट किया कि लेबनान में संघर्ष विराम की बातचीत ईरान के साथ चल रही वार्ता से पूरी तरह अलग है। उन्होंने बताया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ मिलकर उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन से बात की है और अमेरिकी अधिकारी जमीन पर स्थिति को संभालने में जुटे हैं।
रुबियो ने उन खबरों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि वाशिंगटन ईरान के लिए 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण कोष में क्षेत्रीय देशों से मदद मांगेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी बातें अभी बहुत दूर की हैं। तेहरान के भविष्य पर उन्होंने दो टूक कहा कि ईरान के नेतृत्व को अपनी क्रांतिकारी नीतियों और रचनात्मक राह के बीच चुनाव करना होगा। क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए इन समूहों की गतिविधियों पर लगाम लगाना ही आगे का रास्ता तय करेगा।
स्विस सरजमीं पर ईरान के साथ हुई तकनीकी वार्ता के बाद रुबियो का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन के तहत शत्रुता खत्म करने की कोशिशें तेज हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान वे संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन के साथ होरमुज जलडमरूमध्य समेत अन्य सुरक्षा चुनौतियों पर गहन मंथन करेंगे।





