नई दिल्ली, 24 जून।
भारत ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) संबंधी बयानों को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान अपने मानवाधिकार उल्लंघन और विफलताओं को छिपाने के लिए ऐसे मनगढ़ंत दावे कर रहा है। उन्होंने कहा कि PoK में हो रहे विरोध प्रदर्शन वहां के लोगों के साथ दशकों से हो रहे आर्थिक शोषण और दमन का ही परिणाम हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तानी प्रशासन वहां के निहत्थे नागरिकों पर पुलिसिया जुल्म ढा रहा है, इंटरनेट बंद कर रहा है और जरूरी दवाओं की आपूर्ति तक रोक दी गई है। भारत को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके इन गलत कामों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।
खाड़ी क्षेत्र के हालात पर जानकारी देते हुए बताया गया कि 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद 11 जहाज हार्मज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरे हैं। अभी भी 10 भारतीय झंडे वाले जहाज उस क्षेत्र में मौजूद हैं, जिनके जल्द ही वहां से गुजरने की उम्मीद है। इन जहाजों में कच्चा तेल और उर्वरक जैसे आवश्यक सामान लदे हैं।
कतर में हुए धमाके पर दुख जताते हुए मंत्रालय ने बताया कि इसमें 12 भारतीयों की जान गई है और 66 लोग घायल हैं, जिनका इलाज जारी है। भारत सरकार कतर के साथ मिलकर शवों को जल्द भारत लाने के प्रयास कर रही है।
यूएई रक्षा संबंधों पर प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी में काफी उछाल आया है। इसके अलावा बांग्लादेश में मंदिरों और मूर्तियों के अपमान की खबरों पर भारत ने चिंता व्यक्त की है। भारत ने उम्मीद जताई है कि बांग्लादेशी सरकार वहां के चरमपंथियों पर नकेल कसेगी और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।








