दोहा, 23 जून।
कतर के रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी में रविवार रात हुए भीषण गैस विस्फोट के बाद आज स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। ताज़ा आधिकारिक अपडेट के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या 13 हो गई है, जिनमें 12 भारतीय शामिल हैं। हादसे के बाद से जो लोग लापता थे, उनकी पहचान हो जाने के बाद यह दुखद आंकड़ा सामने आया है। वहीं, 66 लोग घायल हुए हैं जिनका अस्पताल में उपचार जारी है। भारतीय दूतावास ने बताया है कि सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है और वे खतरे से बाहर हैं।
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है। दूतावास के अधिकारी कतर प्रशासन के साथ मिलकर मृतकों के पार्थिव शरीरों को जल्द से जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया को तेज कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल में भर्ती घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। कतर एनर्जी के अधिकारियों के अनुसार, बरज़ान प्लांट में हुई यह घटना कोई साजिश नहीं, बल्कि एक तकनीकी खराबी (टेक्निकल फॉल्ट) थी, जो प्लांट को दोबारा शुरू करते समय हुई।
गौरतलब है कि बरज़ान प्लांट को दिसंबर 2025 से मेंटेनेंस के लिए बंद रखा गया था और इसे महज दो दिन पहले ही फिर से संचालित किया गया था। कतर की सरकार ने इस मामले की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इस प्लांट से स्थानीय स्तर पर बिजली और पानी के लिए गैस की आपूर्ति की जाती है। घायलों में भारत के साथ-साथ पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और अन्य देशों के नागरिक भी शामिल हैं, जिनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर दूतावास लगातार अपडेट ले रहे हैं।










