आवागमन से जुड़े विभाग के बड़े साहब की विदाई इतनी तेजी से हुई कि लोग कारण तलाशते रह गए। उससे भी ज्यादा हैरानी नए चेहरे को देखकर हुई।
कई वरिष्ठ अधिकारी तो अपनी बारी का सपना सजाए बैठे थे, लेकिन फाइल किसी और दिशा में दौड़ गई। अब मंत्रालय के गलियारों में चर्चा यही है कि फाइल चली किस रास्ते से और मंजिल तक पहुंचाई किसने।














