काठमांडू, 25 जून।
नेपाल की राजधानी काठमांडू की चरमराई यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। काठमांडू वैली अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम मास्टर प्लान के कार्यान्वयन हेतु सरकार लगभग 1 अरब डॉलर का भारी-भरकम विदेशी ऋण लेने की योजना बना रही है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए भौतिक पूर्वाधार विकास मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय के माध्यम से विश्व बैंक से वित्तीय सहयोग का अनुरोध किया है। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जाइका) इस मास्टर प्लान को तैयार कर रही है, जिसे अगस्त 2026 तक सौंपे जाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 1 अरब 2 करोड़ डॉलर का खर्च आएगा। इसमें से 1 अरब डॉलर ऋण के रूप में लिए जाएंगे, जबकि 2 करोड़ डॉलर की राशि अनुदान के तौर पर प्राप्त होने की संभावना है।
काठमांडू में यातायात सुधार, सीवरेज प्रबंधन और सड़कों के ढांचे को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। वर्तमान में शहर में वाहनों का भारी दबाव है, जिसमें 80 प्रतिशत से अधिक मोटरसाइकिलें शामिल हैं, जो ट्रैफिक अव्यवस्था का मुख्य कारण हैं।
मास्टर प्लान का लक्ष्य व्यक्तिगत छोटे वाहनों पर निर्भरता कम करके एक सुदृढ़ और विश्वसनीय सार्वजनिक यातायात प्रणाली विकसित करना है। इसमें नए ट्रैफिक सिग्नल, रूट मैनेजमेंट और निजी कंपनियों के जरिए व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन का संचालन मुख्य रूप से शामिल होगा।














