नई दिल्ली, 25 जून।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में 'प्रगति' की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने तीस हजार करोड़ रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
प्रधानमंत्री ने परियोजनाओं में देरी पर चिंता जताई और कहा कि इससे लागत बढ़ती है तथा आम जनता को समय पर लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को मिशन मोड में काम करने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान में एनसीसी कैडेट्स और 'माई भारत' के स्वयंसेवकों को शामिल कर जन जागरूकता बढ़ाई जाए।
प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बीच बेहतर तालमेल बिठाने का आह्वान किया।
उन्होंने साइबर फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए ई-जीरो एफआईआर तंत्र को लागू करने और व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया। उन्होंने परियोजनाओं की बेहतर निगरानी के लिए पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान के प्रभावी उपयोग को भी जरूरी बताया।












