भोपाल, 25 जून।
मध्य प्रदेश में मानसून ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र के 15 जिलों में प्रवेश करने के बाद, अब मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि आगामी 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून राज्य के शेष हिस्सों तक भी पहुंच जाएगा। हालांकि, ग्वालियर-चंबल संभाग में इसके पहुंचने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है।
मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए राज्य के 46 जिलों में तेज आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रायसेन, सीहोर, उज्जैन, सागर और दमोह समेत कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वर्षा होने की संभावना है। वहीं, सीधी जिले में लू (Heatwave) का असर बना रह सकता है, जबकि नीमच, मंदसौर और भिंड जैसे क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।
मानसून की स्थिति: वर्तमान में आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून की आधिकारिक दस्तक हो चुकी है।
बारिश का पूर्वानुमान: इस वर्ष प्रदेश में मानसून की चाल कुछ धीमी रही है, जिसके चलते 24 जून तक राज्य में औसत से लगभग 50 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक औसतन 84.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 42 मिमी ही दर्ज हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस बार औसत 37.3 इंच के मुकाबले 30 से 32 इंच वर्षा ही होने की संभावना है, जिससे प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम बारिश का पूर्वानुमान है।












