नए-नए आए साहब ने सोचा था कि अब विभाग में बदलाव की आंधी चलेगी। सरकार की गाइडलाइन हाथ में ली और तीन साल से जमे करीब आधा सैकड़ा कर्मचारियों के तबादले कर डाले।
लेकिन जल्द ही समझ आ गया कि फाइलों में लिखे नियम और मैदान में चलते नियम अलग-अलग होते हैं। स्थानीय शेर की एक दहाड़ पड़ी और साहब को अपने ही आदेश वापस लेने पड़े। अब बदलाव का जोश ठंडा है और फाइलें भी पहले से ज्यादा शांत हैं।














