पिथौरागढ़, 25 जून।
उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे के माध्यम से भारत-चीन के बीच सीमा व्यापार छह साल के लंबे अंतराल के बाद फिर से शुरू होने जा रहा है। कल 26 व्यापारियों का पहला जत्था तिब्बत की सीमा में प्रवेश करेगा।
धारचूला के उप-जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि कुल 26 पास जारी किए गए हैं, जिनमें 17 व्यापारी और नौ सहायक शामिल हैं। इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए गुंजी में एक सीमा शुल्क कार्यालय भी खोल दिया गया है।
व्यापारियों ने लिपुलेख दर्रे के पास स्थित गाँवों के गोदामों में पहले ही अपना सामान जमा कर लिया है। प्रशासन को अभी तक 103 से अधिक व्यापारियों से आवेदन प्राप्त हुए हैं।
जल्द ही 25 व्यापारियों के दूसरे दल के लिए पास जारी करने की तैयारी की जा रही है। सामान को लिपुलेख तक पहुँचाने के लिए नाभीढांग के पास खच्चरों और घोड़ों के लिए विशेष स्थान निर्धारित किया गया है।
बता दें कि यह भारत-चीन व्यापार 1991 में शुरू हुआ था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण 2020 में इसे रोक दिया गया था।











