नई दिल्ली, 25 जून।
आज देश भर में संविधान हत्या दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन 25 जून 1975 को भारतीय संविधान के अपमान और आपातकाल के दौरान प्रताड़ित हुए लोगों को याद करने का अवसर है।
वर्ष 1975 में इसी दिन तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने आंतरिक अशांति का हवाला देकर अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की थी। यह निर्णय उस समय की राजनीतिक उठापटक के बीच लिया गया था।
आपातकाल के दौरान कार्यपालिका ने व्यापक शक्तियां अपने हाथ में ले ली थीं और संवैधानिक सुरक्षा उपायों को निलंबित कर दिया गया था। अनुच्छेद 358 के तहत नागरिकों की अभिव्यक्ति, सभा और आवाजाही की स्वतंत्रता छीन ली गई थी।
इस दौरान आम नागरिकों को न्यायिक उपचार का अधिकार नहीं था। समाचार पत्रों पर सेंसरशिप थोप दी गई थी और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया तक को भंग कर दिया गया था। साथ ही, संवैधानिक संशोधनों के जरिए न्यायपालिका की शक्तियों को सीमित कर दिया गया।
आज नई दिल्ली में आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर संस्कृति मंत्रालय विशेष कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसमें 'संविधान हत्या दिवस' प्रदर्शनी और लघु फिल्म की स्क्रीनिंग होगी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे।












