भोपाल, 26 जून।
पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस के अवसर पर लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है और देश के विभिन्न राज्यों के लोग ही इस सांस्कृतिक एकात्मता के सबसे बड़े आधार हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बंगाल मूल के लोग जिस आत्मीयता के साथ रचे-बसे हैं, वह राष्ट्रीय एकता की सशक्त मिसाल है।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस जैसे आयोजन विभिन्न संस्कृतियों को एक मंच पर लाकर आपसी जुड़ाव और भाईचारे को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि मंच पर प्रस्तुत वेशभूषा, लोकगीत और नृत्य भारत की सांस्कृतिक विविधता की सुंदर झलक प्रस्तुत करते हैं। पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में उन्हें गुजरात के गरबा और असम की पारंपरिक वेशभूषा की झलक भी दिखाई दी, जो भारतीय संस्कृति की साझा विरासत का परिचायक है।
समारोह में उपस्थित बंगाली समाज के लोगों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच सांस्कृतिक संवाद और भावनात्मक एकता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास राष्ट्रीय एकात्मता को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने पिछले वर्ष आयोजित भारत पर्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों ने पूरे देश की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत किया।
राज्यपाल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को समृद्ध बनाने में पश्चिम बंगाल का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और विभिन्न आयु वर्ग के कलाकारों की सहभागिता को उन्होंने महिला सशक्तिकरण और बदलते भारत की सकारात्मक तस्वीर बताया।
कार्यक्रम के दौरान बंगाल की सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित लोकगीत, लोकनृत्य और लोकजीवन की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। ‘हमारा बंगाल रे’ थीम पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बाउल, झूमर, धमाइल और भटियाली जैसी लोक विधाओं ने दर्शकों को पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया।
समारोह की शुरुआत पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि के वीडियो संदेश से हुई। इसके बाद पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक विकास पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई। अंत में मध्यप्रदेश की विकास यात्रा और सांस्कृतिक वैभव पर आधारित प्रस्तुति भी प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम में बंगाली समाज के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा बड़ी संख्या में सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।









