भोपाल, 26 जून।
अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर 27 जून को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित होने वाली सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। कार्यक्रम में एमएसएमई इकाइयों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 225 करोड़ 19 लाख रुपये तथा स्टार्ट-अप को लगभग 39 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि अंतरित की जाएगी। इस अवसर पर विभिन्न महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर, औद्योगिक क्षेत्रों का शुभारंभ और भूमि-पूजन भी होगा।
समिट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री एमएसएमई प्रदर्शनी और ईज ऑफ डूइंग क्लिनिक का उद्घाटन करेंगे। आयोजन स्थल पर विभिन्न विभागों, स्टार्ट-अप, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, महिला स्व-सहायता समूहों और औद्योगिक संस्थानों के लगभग 60 स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां प्रतिभागियों को विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।
उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि समिट में खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र एवं परिधान तथा अभियांत्रिकी क्षेत्र से जुड़े एमएसएमई के लिए बायर-सेलर मीट का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें विभिन्न सरकारी संस्थानों, बैंकों, तकनीकी संस्थानों और प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों की सहभागिता रहेगी।
कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन संबोधित करेंगे, जबकि प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेन्द्र कुमार सिंह स्वागत उद्बोधन देंगे। इस दौरान एमएसएमई, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित संबंधित विभागों की पिछले ढाई वर्षों की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना पर आधारित लघु वीडियो भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
समिट में 2000 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे, जिनमें उद्यमी, स्टार्ट-अप, एमएसएमई इकाइयां, वित्तीय संस्थान, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और महिला स्व-सहायता समूह शामिल हैं। आयोजन के दौरान तीन विषयगत सत्र भी होंगे, जिनमें नए बाजारों के अवसर, एमएसएमई के लिए वित्तीय संसाधनों तक पहुंच तथा उत्पाद गुणवत्ता जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
उद्योग आयुक्त ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2017 में पारित प्रस्ताव के तहत प्रत्येक वर्ष 27 जून को अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस घोषित किया था। इसका उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस वर्ष इस दिवस का 10वां आयोजन किया जा रहा है।








