रतलाम, 26 जून।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पिपलौदा क्षेत्र स्थित ग्राम हतनारा में ताजिया जुलूस के दौरान गुरुवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। जुलूस के दौरान ताजिया 11 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया, जिससे करंट फैलने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग झुलस गए। घायलों का इलाज रतलाम मेडिकल कॉलेज में जारी है।
पुलिस के अनुसार घटना रात करीब 11:15 बजे उस समय हुई, जब पंचमुखी महादेव मंदिर और मस्जिद के बीच मुख्य मार्ग से ताजिया निकाला जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ताजिए की सामान्य ऊंचाई करीब 10 से 12 फीट थी, लेकिन लोगों द्वारा कंधों पर उठाने के बाद इसकी ऊंचाई लगभग 16 से 17 फीट तक पहुंच गई। इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया और तेज आवाज के साथ करंट फैल गया।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और निजी वाहनों की मदद से घायलों को तत्काल रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। इस दुर्घटना में हतनारा निवासी अरबाज खान, रशीद खान और सड्डू खान की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
शुक्रवार को कलेक्टर मिशा सिंह मेडिकल कॉलेज पहुंचीं और भर्ती घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने एसडीएम रचना शर्मा और तहसीलदार देवेंद्र दानगढ़ को गांव भेजकर मामले की जांच के निर्देश दिए। अधिकारियों ने ताजिया कमेटी के सदर अकरम मेव सहित अन्य लोगों के बयान दर्ज किए। वहीं एसडीओपी संदीप मालवीय और पिपलौदा थाना प्रभारी रमेश कोली भी हादसे के कारणों और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच में जुटे हैं।
घटना के बाद बिजली विभाग ने भी कार्रवाई की है। ड्यूटी पर तैनात बिजलीकर्मी घनश्याम गिरी को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा आउटसोर्स कर्मचारी समरथ मकवाना और गोबीलाल की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।
प्रशासन ने हादसे में जान गंवाने वाले तीनों मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही तत्काल राहत के रूप में पांच-पांच हजार रुपये भी प्रदान किए गए। शुक्रवार दोपहर नमाज के बाद तीनों मृतकों का जनाजा निकाला गया और उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।









