जींद, 26 जून।
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को शुक्रवार को हरियाणा के जींद रेलवे जंक्शन से हाई-स्पीड ट्रायल के लिए दिल्ली रवाना किया गया। प्रारंभिक चरण में दो डीजल इंजनों के साथ ट्रेन को जींद से दिल्ली तक करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया गया। इसके बाद दिल्ली- सोनीपत रेलखंड पर अलग-अलग गति से विस्तृत परीक्षण किया गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रायल के दौरान दिल्ली से सोनीपत और वापस आने वाले रूट पर ट्रेन को पहले 85 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलाया गया। इसके बाद अगले चरण में दोनों दिशाओं में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर परीक्षण किया गया, ताकि विभिन्न परिस्थितियों में ट्रेन के प्रदर्शन का आकलन किया जा सके।
अंतिम चरण में दिल्ली से सोनीपत के बीच हाई-स्पीड ट्रायल के दौरान ट्रेन को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक चलाया गया। परीक्षण पूरा होने के बाद ट्रेन को वापस सोनीपत होते हुए जींद लाया जाएगा। इससे पहले 24 जून को आरडीएसओ की टीम जींद रेलवे स्टेशन पहुंची थी, जहां ट्रेन में वायरिंग और प्लेटिंग से जुड़े तकनीकी कार्य पूरे किए गए थे।
इससे पहले भी हाइड्रोजन ट्रेन का 75 और 85 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से सफल परीक्षण किया जा चुका है। शुक्रवार को हुए हाई-स्पीड परीक्षण के दौरान रेलवे विशेषज्ञों ने ब्रेकिंग सिस्टम, इंजन की कार्यक्षमता, कंपन प्रणाली और ट्रैक पर स्थिरता सहित कई तकनीकी पहलुओं का विस्तृत परीक्षण किया।
ट्रायल के लिए विशेष रूप से बाहर से हाइड्रोजन गैस का टैंकर मंगाया गया, ताकि परीक्षण के दौरान ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना का सबसे अहम चरण है और इसके सफल होने पर देश में स्वच्छ ऊर्जा आधारित रेल संचालन को नई दिशा मिलेगी। अब अंतिम परीक्षण 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर ट्रेन के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए किया जा रहा है।









