सिवनी, 26 जून।
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में जबलपुर-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कुरई थाना क्षेत्र के ग्राम पचधार के पास मजदूरों को केरल लेकर जा रहा एक ओवरलोड वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने मकान में जा घुसा। हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 10 घायल उपचाराधीन हैं।
पुलिस के मुताबिक मंडला और डिंडोरी जिले के मजदूर रोजगार के लिए केरल जा रहे थे। सभी एक 'तूफान' वाहन में सवार थे, जिसमें क्षमता से अधिक कुल 29 लोग मौजूद थे। इनमें 12 पुरुष, 12 महिलाएं और पांच बच्चे शामिल थे। शुक्रवार तड़के करीब साढ़े चार बजे वाहन ग्राम पचधार के पास पहुंचा, तभी चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी दूसरी लेन में पहुंचकर सड़क किनारे स्थित मकान से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि मकान की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि घर के भीतर मौजूद लोग सुरक्षित रहे।
घटना की सूचना मिलते ही कुरई थाना पुलिस, एफआरवी-06 खवासा की टीम और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। करीब 10 घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुरई में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को नागपुर रेफर किया गया।
पुलिस ने बताया कि हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान नरेंद्र पुत्र जित्तू सोनवाने निवासी ग्राम पद्दीकोना थाना घुघरी जिला मंडला, चालक दशरथ धुर्वे निवासी ग्राम पद्दीकोना थाना घुघरी जिला मंडला तथा सरजू पुत्र मोतीलाल बालरे निवासी ग्राम चाबी थाना घुघरी जिला मंडला के रूप में हुई है। वहीं संजय पुत्र सुक्कल पुसाम निवासी ग्राम भैंसवाही थाना घुघरी जिला मंडला और धनेश्वरी पत्नी विपिन मरावी निवासी ग्राम अहमदपुर थाना घुघरी जिला मंडला को गंभीर हालत में नागपुर रेफर किया गया है।
बरघाट एसडीओपी ललित गठरे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आशंका है कि चालक को नींद की झपकी आने से वाहन अनियंत्रित होकर मकान में जा घुसा। डॉक्टरों की निगरानी में घायलों का उपचार जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।









