महाकौशल क्षेत्र में कुछ ग्रामीण अपनी समस्या लेकर एक दरोगा जी के पास पहुंचे। मगर साहब उस समय वीवीआईपी ड्यूटी में इतने व्यस्त थे कि फरियाद सुनने का समय नहीं निकाल पाए और ग्रामीणों को बाद में आने की सलाह दे दी।
मायूस ग्रामीण लौट ही रहे थे कि रास्ते में बड़े साहब की नजर उन पर पड़ गई। गाड़ी रुकी, फरियाद सुनी गई, समस्या का समाधान हुआ और दरोगा जी को भी समझाइश मिल गई। अब इलाके में चर्चा है कि कभी-कभी जनता की समस्या भी वीवीआईपी ड्यूटी जितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।









