मुंबई, 26 जून।
मुंबई साइबर क्राइम ब्रांच ने देशभर में फैले एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का खुलासा करते हुए छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह 3,206 साइबर धोखाधड़ी के मामलों में संलिप्त पाया गया है। कार्रवाई के दौरान झारखंड, बिहार और दिल्ली से आरोपितों को पकड़ा गया तथा उनके पास से 11 मोबाइल फोन, 9 लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
जांच अधिकारियों के अनुसार गिरोह नकली एपीके फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक कर बैंकिंग जानकारी हासिल करता था और फिर ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देता था। अब तक की जांच में सामने आया है कि देशभर में दर्ज 3,206 मामलों में से 517 महाराष्ट्र और 93 मुंबई से संबंधित हैं।
पुलिस के मुताबिक एक शिकायतकर्ता को महानगर गैस लिमिटेड के नाम से एमजीए गैस अनब्लॉक नामक फर्जी एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया गया। फाइल इंस्टॉल होने के बाद उसके मोबाइल से बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल कर करीब 2.35 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। इस मामले में पश्चिमी डिवीजन के साइबर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था।
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने झारखंड, बिहार और दिल्ली में छापेमारी कर आरोपितों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान विभिन्न बैंकों, आरटीओ और महानगर गैस के नाम से तैयार की गई 999 फर्जी एपीके फाइलें बरामद हुईं।
पुलिस ने आरोपितों के पास से व्हाट्सएप और टेलीग्राम समूहों से जुड़ा डेटा, टेलीग्राम बॉट, सर्वर पैनल लॉगिन क्रेडेंशियल, यूआरएल तथा गूगल फायरबेस और होस्टिंगर सर्वर पर मौजूद लगभग 1.24 करोड़ एमएमएस रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं। इसके अलावा 8,609 मोबाइल नंबर, बैंक खाते, एटीएम कार्ड की जानकारी, पिन और यूपीआई आईडी जैसी संवेदनशील सूचनाएं भी बरामद हुई हैं।
साइबर पुलिस द्वारा एकत्र आंकड़ों और एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के विश्लेषण से गिरोह की देशभर में 3,206 मामलों में संलिप्तता सामने आई है। शुरुआती जांच के अनुसार इन मामलों में कुल धोखाधड़ी की राशि 43.25 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच लगातार जारी है और संबंधित राज्यों की पुलिस को भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।









