मुंबई, 26 जून।
'वेलकम टू द जंगल' कॉमेडी फिल्मों की उस श्रेणी में शामिल होती है, जहां तर्क से अधिक मनोरंजन को प्राथमिकता दी गई है। 'वेलकम' फ्रेंचाइज़ की लोकप्रियता के कारण इस फिल्म से दर्शकों की अपेक्षाएं पहले से ही काफी ऊंची थीं और यह फिल्म बड़े स्तर पर उन उम्मीदों को पूरा करने का प्रयास करती है। दो घंटे से अधिक समय तक चलने वाली यह फिल्म लगातार हास्य, हल्के रोमांच और विशाल मल्टीस्टारर कलाकारों की मौजूदगी के दम पर दर्शकों को बांधे रखती है। लंबे समय बाद इतने बड़े कलाकारों को एक साथ पर्दे पर देखना भी इसकी खासियत बनकर उभरता है।
कहानी
फिल्म की कहानी एक धनाढ्य कारोबारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो आयकर से बचने के उद्देश्य से 2000 करोड़ रुपये की लागत वाली एक फिल्म बनाने का फैसला करता है। उसकी योजना होती है कि फिल्म बुरी तरह असफल हो, ताकि आर्थिक नुकसान दिखाकर टैक्स में राहत हासिल की जा सके। इस पूरी योजना की जिम्मेदारी उसकी बेटी के हाथों में होती है, जो स्वयं फिल्म की मुख्य अभिनेत्री भी बनती है।
फिल्म को फ्लॉप बनाने के लिए कई नाकाम निर्देशक, एक पुराने अभिनेता, उसकी पूर्व प्रेमिकाएं, दो डॉन और कई विचित्र किरदारों को इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाया जाता है। हालांकि शूटिंग शुरू होते ही हालात पूरी तरह बदल जाते हैं। कलाकारों के बीच टकराव, गलतफहमियां और लगातार होने वाली हास्यास्पद घटनाएं कहानी को मनोरंजक बनाए रखती हैं। कहानी बहुत जटिल नहीं है और इसका उद्देश्य केवल दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करना है, जिसमें यह सफल दिखाई देती है।
निर्देशन
अहमद खान ने इतने बड़े कलाकार समूह को संतुलित तरीके से प्रस्तुत करने की चुनौती को प्रभावी ढंग से संभालने का प्रयास किया है। फिल्म की रफ्तार बनी रहती है और घटनाक्रम कहीं भी बोझिल महसूस नहीं होता। कॉमेडी, एक्शन और एडवेंचर का संतुलित मेल दर्शकों को लगातार जोड़े रखता है। बड़े सेट, आकर्षक लोकेशन और भव्य दृश्य फिल्म को और प्रभावशाली बनाते हैं। साथ ही निर्देशक ने फ्रेंचाइज़ की पुरानी पहचान को भी बरकरार रखने का प्रयास किया है।
अभिनय
अक्षय कुमार पूरी फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी साबित होते हैं। उनकी कॉमिक टाइमिंग, संवाद अदायगी और भाव-भंगिमाएं कई दृश्यों को बेहद मनोरंजक बना देती हैं। सुनील शेट्टी भी लंबे समय बाद हल्के-फुल्के अंदाज में प्रभाव छोड़ते हैं और उनका अभिनय फिल्म में नई ऊर्जा का संचार करता है।
परेश रावल अपने परिचित हास्य अंदाज से दर्शकों को खूब गुदगुदाते हैं। वहीं अरशद वारसी, जॉनी लीवर, राजपाल यादव, श्रेयस तलपड़े और तुषार कपूर अपनी-अपनी भूमिकाओं से कॉमेडी का स्तर बनाए रखते हैं। दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, रवीना टंडन और लारा दत्ता फिल्म में आकर्षण और ग्लैमर का तड़का लगाती हैं।
संवाद और संगीत
फिल्म के संवाद इसकी सबसे बड़ी खूबियों में शामिल हैं। कई पंचलाइन और हास्य से भरपूर दृश्य सिनेमाघरों में दर्शकों को खुलकर हंसने का अवसर देते हैं। विशेष रूप से अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल के बीच फिल्माए गए दृश्य काफी मनोरंजक बन पड़े हैं। संगीत फिल्म के माहौल के अनुरूप है और गाने कहानी की गति को बनाए रखते हैं। बैकग्राउंड स्कोर भी कॉमिक और एक्शन दृश्यों को प्रभावशाली बनाने में योगदान देता है।
फाइनल वर्डिक्ट
'वेलकम टू द जंगल' पूरी तरह मनोरंजन पर आधारित फिल्म है। इसे देखते समय तर्क से अधिक हास्य और मनोरंजन का आनंद लेने की जरूरत होती है। यदि आपको 'वेलकम', 'हेरा फेरी' और 'धमाल' जैसी मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्में पसंद हैं तो यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी। हंसी, दमदार कलाकारों की मौजूदगी और लगातार आने वाले कॉमिक दृश्य इसे एक बेहतरीन पारिवारिक मनोरंजन फिल्म बनाते हैं।









