रुद्रपुर, 26 जून।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को रुद्रपुर में खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि उत्तराखंड को बागवानी हब के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने मुक्तेश्वर में 100 करोड़ रुपये की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने तथा चौबटिया में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की घोषणा की। साथ ही न्यूजीलैंड के सहयोग से कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना पर भी काम शुरू करने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में कृषि एवं बागवानी क्षेत्र से जुड़ी 369.66 करोड़ रुपये की 41 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भविष्य की कृषि के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने, प्राकृतिक खेती अपनाने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड निकट भविष्य में बागवानी के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा। इसके लिए मुक्तेश्वर में सेब, अखरोट और बादाम जैसे उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों हेतु 100 करोड़ रुपये की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि चौबटिया (अल्मोड़ा) में 15 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। वहीं न्यूजीलैंड के सहयोग से कीवी उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए 15 करोड़ रुपये की विशेष कार्ययोजना तैयार होगी। इसके अलावा जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ हेतु 65 करोड़ रुपये तथा ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए 104 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी और मजबूत कृषि व्यवस्था विकसित उत्तराखंड की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण, निःशुल्क सिंचाई सुविधा और कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करा रही है। साथ ही बागवानी, कोल्ड चेन और कृषि अवसंरचना के विस्तार पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों के हित में घेरबाड़ के लिए 65 करोड़ रुपये, जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये की सहायता तथा मंडुवा और झंगोरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किए जाने का आग्रह किया। समारोह में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।









