राजधानी में छह वर्षीय बच्चे की गुमशुदगी पर पुलिस ने जिस तेजी से कार्रवाई की और बच्चे को सुरक्षित ढूंढ़ निकाला, उसकी खूब सराहना हुई। लेकिन इसी के साथ उन परिवारों की उम्मीदें भी जाग गई हैं जिनके बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट महीनों से फाइलों में घूम रही है।
लोग पूछ रहे हैं कि साहब, अगर हर मामले में यही फुर्ती दिखाई जाए तो न जाने कितने घरों की बुझती उम्मीदें फिर से रोशन हो सकती हैं। आखिर हर परिवार के लिए उसका बच्चा सबसे बड़ा वीआईपी ही होता है।









