भोपाल, 26 जून।
राजधानी भोपाल के चंदनपुरा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह टाइगर की मौजूदगी की सूचना से इलाके में हलचल मच गई। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों को अचानक बाघ दिखाई दिया। इसी दौरान एक दंपती का बाघ से आमना-सामना हो गया। महिला के शोर मचाने पर बाघ झाड़ियों की ओर लौट गया, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र में सर्चिंग अभियान शुरू कर दिया।
घटना की प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया कि वह अपने पति के साथ सुबह टहल रही थीं। इसी दौरान उनके बेहद करीब से एक जानवर निकला। शुरुआत में उन्हें लगा कि वह कोई कुत्ता है, लेकिन ध्यान से देखने पर पता चला कि वह बाघ है। उनके पति कुछ दूरी पर थे। महिला ने तुरंत तेज आवाज लगाई, जिसके बाद बाघ झाड़ियों की ओर चला गया। आसपास मौजूद अन्य लोगों ने भी बाघ को देखने की बात कही। कुछ लोगों ने उसकी दहाड़ सुनने का दावा किया। घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए, वहीं कुछ लोगों ने दूर से उसका वीडियो भी बनाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार झाड़ियों में जाने के बाद टाइगर चंदनपुरा स्थित एक निजी फार्महाउस की बाउंड्री के भीतर पहुंच गया। यह घटना सुबह करीब साढ़े छह से सात बजे के बीच की बताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद सुबह करीब नौ बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र में तलाश शुरू कर दी।
वन्यजीव विशेषज्ञ राशिद नूर के अनुसार इलाके की सुरक्षा के लिए लगाई गई बड़ी जाली का एक हिस्सा खुला हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि बाघ उसी रास्ते से रिहायशी क्षेत्र तक पहुंचा। उन्होंने बताया कि चंदनपुरा बाघों के प्राकृतिक कॉरिडोर के निकट स्थित है और यहां पहले भी टाइगर मूवमेंट की घटनाएं सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में तेजी से हो रहे निर्माण कार्य, भूमि विकास और लोगों की बढ़ती आवाजाही के कारण बाघों के प्राकृतिक मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही इलाके में वन विभाग की स्थायी चौकी नहीं होने से निगरानी की चुनौती भी बनी हुई है। उनका मानना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में मानव और बाघ के बीच संघर्ष की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि सर्चिंग अभियान पूरा होने तक चंदनपुरा और जंगल से लगे इलाकों में मॉर्निंग वॉक या अनावश्यक आवाजाही से बचें। विभाग की टीम लगातार बाघ की लोकेशन का पता लगाकर उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भेजने के प्रयास में जुटी हुई है।









