चंडीगढ़, 27 जून।
पंजाब में राजनीतिक खींचतान के बीच केंद्र सरकार की विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (वीबी-जीरामजी) योजना को हरी झंडी दे दी गई है। राज्य सरकार ने तमाम विरोधों और विधानसभा में निंदा प्रस्ताव पारित करने के बाद भी इस योजना को प्रदेश में लागू करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
यह आदेश शुक्रवार देर रात जारी किए गए और शनिवार को इन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचा दिया गया है। आगामी एक जुलाई से यह नई योजना पंजाब के सभी अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस योजना का मुखर विरोध करते हुए विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया था।
केंद्र सरकार ने इस अधिनियम के जरिए पुराने मनरेगा को प्रतिस्थापित किया है। नए कानून के तहत अब ग्रामीण परिवारों को हर वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिनों के रोजगार की गारंटी अनिवार्य रूप से दी जाएगी। संसद से पारित होने और राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह नियम अब पंजाब में भी लागू होगा।
पंजाब सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन पर प्रशासनिक सचिव अजीत बाला जी जोशी के हस्ताक्षर हैं। राज्यपाल ने सेंट्रल एक्ट की धारा 3(1) के तहत इसे अधिसूचित किया है। इसका मुख्य उद्देश्य पंजाब के ग्रामीण ढांचे को विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप तैयार करना है।









