मास्को, 27 जून।
पश्चिम अफ्रीका के बुर्किना फासो ने अपने पूर्व औपनिवेशिक शासक फ्रांस के साथ कूटनीतिक संबंध समाप्त करने का निर्णय लिया है। सरकार ने फ्रांस पर देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने, नव-औपनिवेशिक नीति अपनाने और आतंकवादी समूहों को समर्थन देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
यह घोषणा शुक्रवार को संचार मंत्री गिल्बर्ट ओएद्राओगो ने आधिकारिक बयान जारी कर की। सरकार के अनुसार, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध समाप्त करने का फैसला 26 जून से प्रभावी कर दिया गया है।
सरकारी बयान में कहा गया कि फ्रांस बुर्किना फासो में अपना प्रभाव बनाए रखने का प्रयास कर रहा है और देश के भीतर सक्रिय विनाशकारी नेटवर्क तथा आतंकवादी संगठनों को समर्थन दे रहा है। सरकार का कहना है कि उसने विदेशी हस्तक्षेप से दूर रहते हुए राष्ट्रीय संप्रभुता और देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।
दूसरी ओर, फ्रांस पहले भी इन आरोपों को खारिज कर चुका है। पेरिस का कहना है कि वह साहेल क्षेत्र में आतंकवाद का समर्थन नहीं करता और वहां लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली के पक्ष में है।
बुर्किना फासो सरकार ने स्पष्ट किया कि कूटनीतिक संबंध समाप्त करने का यह फैसला केवल दोनों देशों की सरकारों के बीच लागू होगा। इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फ्रांस ने इस कदम को दुर्भावनापूर्ण और निराधार करार देते हुए इसकी आलोचना की है। फ्रांसीसी सरकार का कहना है कि यह निर्णय बुर्किना फासो के मौजूदा सैन्य नेतृत्व की नीतियों को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में सैन्य तख्तापलट के बाद से दोनों देशों के संबंध लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। नई सैन्य सरकार ने फ्रांस के साथ रक्षा सहयोग समाप्त कर दिया था, जिसके बाद फ्रांसीसी सैनिकों को देश छोड़ना पड़ा।
बुर्किना फासो के अलावा माली और नाइजर भी हाल के वर्षों में फ्रांसीसी सैनिकों की वापसी का फैसला कर चुके हैं। इन देशों का आरोप है कि फ्रांस की नीतियों से क्षेत्र में अस्थिरता और जिहादी हिंसा को बढ़ावा मिला है, हालांकि फ्रांस लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, साहेल क्षेत्र में बढ़ते फ्रांस विरोधी माहौल के बीच बुर्किना फासो का यह फैसला पश्चिम अफ्रीका की बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।









