कांगो, 27 जून।
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में घातक बीमारी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। मई के मध्य में शुरू हुए इस संकट के बाद से देश में अब तक इबोला वायरस के 1,200 से अधिक पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, संक्रमण के कुल 1,203 पुष्ट मामले दर्ज किए गए हैं। इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आने से अब तक 321 मौतें हो चुकी हैं, जिसने स्वास्थ्य तंत्र को हिलाकर रख दिया है।
राहत की बात यह है कि उपचार के बाद अब तक 148 मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। इसके विपरीत, 419 संक्रमित मरीज अभी भी पूरी तरह से आइसोलेशन में रखे गए हैं या फिर विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज जारी है।
इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य अधिकारियों ने 265 संदिग्ध मरीजों की पहचान भी की है, जिनमें से 77 लोगों की मौत हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडहानोम घेब्रेयेसस ने कहा है कि मरीजों के संपर्क में आए लोगों की तलाश तेजी से हो रही है और ठीक होने वालों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने आगाह किया कि यह मई प्रकोप अभी खत्म नहीं हुआ है।
जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य प्रशासन को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में जरूरी दवाओं, संक्रमण नियंत्रण सामग्री और करीब 20 आइसोलेशन सेंटर की भारी कमी देखी जा रही है। इबोला वायरस के बूंदीबुग्यो स्ट्रेन के कारण फैले इस संक्रमण की आधिकारिक घोषणा इस साल 15 मई को की गई थी।









