काराकास, 28 जून।
वेनेजुएला में प्राकृतिक आपदा का दौर जारी है। पहले से ही भीषण भूकंप की मार झेल रहे इस देश में एक बार फिर धरती कांप उठी है। अरागुआ तट के समीप समुद्र की 30 किलोमीटर गहराई में 5.6 तीव्रता का नया भूकंप दर्ज किया गया है, जिसने वहां के लोगों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं।
देश के उत्तर-मध्य इलाकों में 24 जून को आए शक्तिशाली झटकों के बाद से तबाही का मंजर बना हुआ है। अब तक आधिकारिक रूप से मृतकों की संख्या 1,430 तक पहुंच गई है और 3,238 लोग घायल हुए हैं। सात राज्यों में फैली इस त्रासदी से 3,142 परिवार बेघर हो गए हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। सुरक्षा और स्वच्छता के लिए 14 हजार सैनिकों और पुलिसकर्मियों को उतारा गया है। मोरोन और ला ग्वाइरा जैसे क्षेत्रों में बिजली की भारी किल्लत है। ला ग्वाइरा में 100 से अधिक बहुमंजिला इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा है।
राहत अभियानों को गति देने के लिए 10 देशों की विशेष टीमें पहुंच रही हैं। अब तक 1,600 बचाहकर्मी मोर्चा संभाले हुए हैं और अमेरिका से राहत सामग्री की पहली खेप भी काराकास पहुंच चुकी है। स्थानीय स्तर पर भारी मशीनों की कमी के कारण बचाव कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार सैकड़ों लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं या लापता हैं। वहीं विपक्ष की एक वेबसाइट ने 54 हजार लोगों के लापता होने का दावा किया है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का अनुमान है कि मरने वालों का आंकड़ा 10 हजार तक पहुंच सकता है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, यह आपदा 70 लाख लोगों को सीधे प्रभावित कर रही है और देश को 6.7 अरब डॉलर का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।









