काराकास, 02 जुलाई।
वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप की त्रासदी ने पूरे देश को गहरे शोक में धकेल दिया है। इस आपदा में जान गंवाने वालों का आंकड़ा अब 2,295 तक पहुंच गया है, जिसे देखते हुए अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में सात दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है। त्रासदी का एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी हजारों लोग लापता हैं और प्रभावित इलाकों में भोजन व राहत सामग्री का भारी किल्लत महसूस की जा रही है।
सबसे अधिक प्रभावित शहर ला गुआइरा में बचाव अभियान अपनी अंतिम सीमा पर है, जहां ढही इमारतों पर 'डी' का निशान अंकित किया जा रहा है ताकि तलाश का कार्य समाप्त माना जा सके। स्पेन के राहत दल का कहना है कि अब मलबे में जीवन की संभावना लगभग समाप्त हो चुकी है। हालांकि, इन कठिन परिस्थितियों के बीच एक तीन वर्षीय बच्चे को मलबे से सुरक्षित बाहर निकालना किसी चमत्कार से कम नहीं है, क्योंकि आमतौर पर ऐसे हादसों में 72 घंटे के बाद जीवित बचने की उम्मीद बहुत कम होती है।
नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने ताजा आंकड़ों में बताया कि इस विनाशकारी आपदा में 11 हजार से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं और करीब 13 हजार नागरिक बेघर हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक, लगभग 50 हजार लोग अभी भी लापता हैं। दो तीव्र झटकों ने तेल संपन्न देश की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे की कमर तोड़ दी है।
विभिन्न देशों की टीमें राहत और खोज अभियान में जुटी हैं, लेकिन इस संकट के दौर में सरकारी मदद में हो रही देरी को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे वेनेजुएला के लिए यह आपदा एक बड़ी परीक्षा बनकर सामने आई है।















