अमरावती, 02 जुलाई।
भारत में हेलीकॉप्टर उड़ानों के लिए एक नई और आधुनिक तकनीक का रास्ता साफ हो गया है। नागर विमानन मंत्रालय ने अंडावल्ली हेलीपोर्ट के लिए देश की पहली 'प्राइवेट पॉइंट-इन-स्पेस' (PinS) इंस्ट्रूमेंट अप्रोच प्रक्रिया को मंजूरी दी है। यह तकनीक उन हेलीपोर्ट्स के लिए वरदान साबित होगी जहां पारंपरिक लैंडिंग सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। उपग्रह-आधारित नेविगेशन प्रणाली का उपयोग करने वाली यह तकनीक हेलीकॉप्टरों को खराब मौसम में भी सुरक्षित और सटीक तरीके से लैंड करने में मदद करेगी।
इस प्रणाली को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा विकसित किया गया है और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इसे आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इसे हेलीकॉप्टर संचालन के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करार दिया है। उन्होंने कहा कि इससे उड़ानों की सुरक्षा और दक्षता में बड़ा सुधार आएगा और सरकार हेलीकॉप्टर पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने हेतु प्रतिबद्ध है।
मंत्रालय का मानना है कि इस पहल से देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी ही प्रक्रियाओं को अपनाने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह तकनीक आपातकालीन चिकित्सा सेवा, आपदा राहत, पर्यटन, ऑफशोर कार्यों और तीर्थयात्रा सेवाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। इससे हेलीकॉप्टर उड़ानों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और क्षेत्रीय संपर्क में भी सुधार आएगा, जिससे भविष्य में हवाई यातायात और अधिक सुगम हो सकेगा।















