काराकास, 02 जुलाई।
वेनेजुएला में 24 जून को आए भीषण भूकंप की आपदा से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने पुष्टि की है कि इन दोहरे भूकंपों के कारण अब तक 2,295 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों की तादाद भी हजारों में है। संयुक्त राष्ट्र ने स्थिति की भयावहता को देखते हुए आशंका जताई है कि मृतकों का यह आंकड़ा 10,000 तक पहुंच सकता है, जिसके लिए पहले से ही बड़ी संख्या में बॉडी बैग्स का प्रबंध कर लिया गया है।
इस प्राकृतिक त्रासदी में 43,000 से अधिक लोग लापता हैं और करीब 15,866 लोग बेघर होकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं। नासा के विश्लेषण के अनुसार, भूकंप के झटकों ने तकरीबन 59,000 इमारतों को पूरी तरह जमींदोज या क्षतिग्रस्त कर दिया है। मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने के लिए राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं, जिनमें 1,700 अमेरिकी कर्मियों की भी मदद ली जा रही है। वहीं, वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम ने प्रभावितों के लिए 5 करोड़ डॉलर की आपातकालीन सहायता राशि की मांग की है।
तेल के विशाल भंडार वाला देश होने के बावजूद वेनेजुएला इस समय ईंधन के भीषण संकट से जूझ रहा है। भूकंप के बाद दर्ज किए गए 782 आफ्टरशॉक्स ने स्थिति को और कठिन बना दिया है। पेट्रोल की किल्लत के कारण भारी मशीनरी का संचालन मुश्किल हो गया है, जिससे राहत अभियानों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। स्थानीय लोग अपने प्रियजनों की तलाश के लिए खुद हाथों से मलबा हटाने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य सेवाओं पर भी भारी दबाव है और बुनियादी सुविधाओं का अभाव संकट को और गहरा रहा है।















