नई दिल्ली, 02 जुलाई।
भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी जापानी समकक्ष सनाए ताकाइची के बीच नई दिल्ली में वार्षिक शिखर वार्ता शुरू हो गई है। यह शिखर सम्मेलन दोनों देशों के लिए आपसी सहयोग के संपूर्ण दायरे की समीक्षा करने और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वार्ता के बाद विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग हेतु कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) के आदान-प्रदान की उम्मीद है।
आज सुबह राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में जापानी प्रधानमंत्री का भव्य औपचारिक स्वागत किया गया, जहाँ प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी अगवानी की। अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ताकाइची का यह पहला आधिकारिक दौरा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत और जापान की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय राजनीतिक संवाद का सिलसिला निरंतर जारी है।
इससे पहले भी दोनों शीर्ष नेताओं की मुलाकात फ्रांस में हुए G7 शिखर सम्मेलन और पिछले साल नवंबर में जोहान्सबर्ग में आयोजित G20 सम्मेलन के दौरान हो चुकी है। वार्षिक शिखर सम्मेलन ही दोनों देशों के रणनीतिक एजेंडे को दिशा देने वाला प्रमुख मंच है। इस संबंधों में आर्थिक सुरक्षा अब एक मुख्य आधार बनकर उभरी है। टोक्यो में नवंबर 2024 में आयोजित पहले आर्थिक सुरक्षा संवाद के तहत दोनों पक्षों ने सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिजों, फार्मास्यूटिकल्स, स्वच्छ ऊर्जा और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी को रणनीतिक सहयोग के लिए प्राथमिकता वाले पांच क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया है।
















