बेंगलुरु, 02 जुलाई।
बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मादपट्टण गांव के पास स्थित कावेरी क्रशर खदान में हुए भीषण हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को खदान में करीब 40 फीट की ऊंचाई से एक विशाल चट्टान अचानक टूटकर नीचे काम कर रहे श्रमिकों पर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से सात मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में पांच अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी आरआर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के समय खदान में उत्तर भारत और स्थानीय राज्यों के श्रमिक कार्य कर रहे थे। मृतकों में राजपाल सिंह, सत्यनारायण सिंह, रामअवतार सिंह, भुवनेश्वर सिंह, राजेंद्र प्रसाद, नूहर और रामु शामिल हैं। केंद्रीय परिक्षेत्र के आईजीपी गिरीश ने बताया कि इस दुखद घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है ताकि लापरवाही के कारणों का पता लगाया जा सके।
स्थानीय विधायक एसटी सोमशेखर ने खदान प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में दी गई सुरक्षा चेतावनियों की अनदेखी की गई, जिसके कारण यह अनहोनी हुई। उन्होंने पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी केस दर्ज करने की मांग उठाई है। उन्होंने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की वकालत की है।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख जताया है। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा संचालकों की प्राथमिकता होनी चाहिए। राज्य सरकार सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कदम उठाएगी।
















