नई दिल्ली, 29 जुलाई।
संसद के मानसून सत्र के दौरान जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा बुधवार को राज्यसभा में जोरदार हंगामे का कारण बना। विपक्ष ने इस विषय पर चर्चा और सरकार से जवाब की मांग की, जिसके चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और बाद में दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
हंगामे के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश में न तो लोग सुरक्षित हैं और न ही लोकतंत्र। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल छात्र कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने परिस्थितियों के अनुरूप कार्रवाई की है। उन्होंने अपने छात्र जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि वह भी आपातकाल के दौरान गिरफ्तार होकर जेल गए थे और आंदोलन से जुड़े छात्र ऐसी परिस्थितियों को समझते हैं।
सदन के सभापति ने लगातार हो रहे शोर-शराबे के बीच कार्यवाही चलाने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सदस्य जंतर-मंतर की घटना पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। लगातार व्यवधान के कारण कुछ सदस्यों के बोलने के बाद कार्यवाही पहले 12 बजे तक और फिर सदन स्थगित करते हुए दोपहर 2 बजे तक के लिए रोक दी गई।












