गुवाहाटी, 29 जुलाई।
असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की सहायता के लिए भारतीय किसान संघ ने राहत एवं पुनर्वास अभियान शुरू किया है। इसके तहत जोरहाट जिला इकाई की ओर से शिवसागर जिले के प्रभावित किसानों के बीच धान की पौध का वितरण किया गया, ताकि वे दोबारा खेती शुरू कर सकें।
संघ ने केवल कृषि सहायता तक अपने प्रयास सीमित नहीं रखे हैं। संगठन शिवसागर जिले के लगभग पांच हजार किसान परिवारों और पांच हजार स्कूली विद्यार्थियों के लिए वस्त्र वितरण, स्वास्थ्य शिविर तथा अन्य आवश्यक राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम चलाने की भी तैयारी कर रहा है।
इस वर्ष असम के 25 जिले भीषण बाढ़ की चपेट में आए हैं। इनमें शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं। बाढ़ के चलते बड़े पैमाने पर कृषि भूमि की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में पालतू पशुओं की भी मौत हुई है।
अब तक बाढ़ से 75 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। कई गांवों के लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। पूरे राज्य के 77 राजस्व सर्किल बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत पहुंचाने के साथ संगठन आजीविका बहाल करने की दिशा में भी लगातार कार्य कर रहा है। भारतीय किसान संघ ने कहा कि इस कठिन समय में वह किसानों और प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है तथा राहत और पुनर्वास के प्रयास जारी रखेगा।

















