अचानक हुई एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी के बाद कुछ जिलों में जिलाधिकारियों के तबादले के कारण जनता दुखी और माननीय जनप्रतिनिधियों के चेहरों पर खुशी नजर आई।
कहीं खुशी, कहीं गम का कारण भी है कि जिलाधिकारी महोदया आम आदमी के लिए बहुत सहज रहीं और जनकल्याणकारी योजनाएं जनता तक पहुंचाने के कारण लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। परंतु माननीय जनप्रतिनिधि जनकल्याण में अपनी उपस्थिति और चुन-चुनकर योजनाओं का लाभ दिलाने का दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। जिलाधिकारी ऐसे मामलों में जनहित पहले, जनप्रतिनिधि बाद में की नीति पर चलती हैं।

















