इन दिनों मंत्रालय के एक विभाग में बैठे एक साहब न तो किसी से मिल रहे हैं और न ही किसी से वार्तालाप उन्हें रास आ रहा है।
कारण यह है कि लंबे समय से उन्हें फील्ड में पोस्टिंग का भरोसा तो दिया गया, लेकिन पोस्टिंग हुई नहीं। जिनके भरोसे थे, उनकी भी मध्यप्रदेश से विदाई हो गई। इसलिए साहब इतने दुखी हैं कि वे न तो किसी से मिल रहे हैं और न ही वार्तालाप कर रहे हैं।

















