रायपुर, 29 जुलाई।
राजधानी में सिंचाई परियोजनाओं की रूपरेखा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। मंत्रालय महानदी भवन में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव ने की। परियोजना निर्माण एवं समिति की बहत्तरवीं बैठक के दौरान कई बड़े प्रस्तावों पर मंथन किया गया। जशपुर के कुनकुरी और बेमेतरा से जुड़े सिंचाई प्रस्तावों की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी योजनाओं का फिर से री-मॉडलिंग किया जाए। योजनाओं को ज्यादा व्यवहारिक और टिकाऊ बनाने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल और जल संरक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने नहर प्रणाली के बजाय पाइपलाइन प्रणाली की संभावनाओं को परखने को कहा।
नया विकल्प अपनाने से पानी की बर्बादी कम होगी और कम समय में काम पूरा हो सकेगा। साथ ही भूमि अधिग्रहण की जरूरत भी काफी हद तक कम हो जाएगी। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि हर प्रोजेक्ट के लिए विकल्प विश्लेषण अनिवार्य रूप से किया जाए। पांच से दस सालों के रखरखाव की रणनीति पहले से तय करने को कहा गया।
नए प्रस्तावों से पहले पुरानी चल रही योजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया। इस बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे जिनमें प्रमुख सचिव स्तर के लोग शामिल थे।

















