कोलकाता, 06 अगस्त।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए तमाम महत्वपूर्ण स्थायी समितियों का आधिकारिक रूप से गठन कर दिया गया है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार वित्तीय, प्रशासनिक, विधायी और सदन के सुचारू संचालन से जुड़े विभिन्न पैनलों के लिए नए अध्यक्षों तथा सदस्यों की नियुक्ति की गई है।
ताजा सूची के मुताबिक, सार्वजनिक लेखा समिति की कमान कन्हैयालाल अग्रवाल को सौंपी गई है। इसके अलावा पेपर्स लेड ऑन द टेबल समिति की जिम्मेदारी भांगड़ के आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी को दी गई है, और विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी डॉ. राजेश कुमार संभालेंगे।
अधीनस्थ विधान समिति का नेतृत्व रथीन घोष को सौंपा गया है। वहीं, सदस्यों के अधिकार एवं सुविधाएं संबंधी समिति की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस करेंगे, जिसमें उपाध्यक्ष, संसदीय कार्य मंत्री डॉ. शंकर घोष और मुख्य सरकारी सचेतक अमलां भादुड़ी सहित पक्ष-विपक्ष के कई विधायक बतौर सदस्य शामिल किए गए हैं।
विधानसभा पुस्तकालय समिति की जिम्मेदारी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं तृणमूल विधायक बिमान बनर्जी को दी गई है। विधायक क्षेत्र उन्नयन प्रकल्प समिति की बागडोर शीतल कापाट संभालेंगे, तथा समिति प्रणाली में सुधार और कार्यप्रणाली से जुड़ी समिति के अध्यक्ष समीर कुमार पांजा बनाए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार हाउस कमेटी के अध्यक्ष भूदराय टुडू होंगे। नियम समिति की कमान एक बार फिर विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस के पास ही रहेगी। इसके साथ ही सरकारी आश्वासन समिति के प्रमुख रितेश तिवारी तथा याचिका समिति के प्रमुख चंद्रनाथ सिन्हा को नियुक्त किया गया है।
साथ ही स्थानीय निधि लेखा समिति के अध्यक्ष अमरनाथ शाखा और प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण चंद्र घोरुई बनाए गए हैं। इन सभी समितियों में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायकों को उचित प्रतिनिधित्व प्रदान कर संतुलन स्थापित किया गया है।
विधानसभा की ये सभी स्थायी समितियां सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय खर्चों की समीक्षा, प्रशासनिक कार्यों की देखरेख और विधायी मामलों की जांच से जुड़े विषयों पर गहन विचार-विमर्श के बाद अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें पेश करेंगी, और इन सभी का कार्यकाल वर्ष 2026-27 तक प्रभावी रहेगा।














