नई दिल्ली, 6 अगस्त।
भारत सरकार ने संसद में जानकारी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़े सुरक्षा तनाव के दौरान भी हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर 60 मालवाहक व्यापारी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की गई। सरकार ने यह भी बताया कि खाड़ी क्षेत्र से 3,972 भारतीय नाविकों को स्वदेश वापस लाया गया। इसके साथ ही चौबीसों घंटे संचालित संकट प्रबंधन तंत्र ने हजारों आपातकालीन कॉल और ईमेल का सफलतापूर्वक निस्तारण किया।
संसद में दिए गए जवाब के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच भारत ने समुद्री संचालन को प्रभावी ढंग से संभालते हुए देश के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक समुद्री मार्गों में से एक को सक्रिय बनाए रखा। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली समुद्री आवाजाही प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन आवश्यक संचालन लगातार जारी रखा गया।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला रणनीतिक समुद्री मार्ग है। ऊर्जा आपूर्ति के दृष्टिकोण से इसे दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री संपर्क मार्ग माना जाता है और वैश्विक व्यापार में इसकी अहम भूमिका है।












