वाशिंगटन, 6 अगस्त।
नासा ने बताया कि स्पेसएक्स फाल्कन-9 रॉकेट का दूसरा चरण आज भारतीय समयानुसार दोपहर 12:05 बजे चंद्रमा की सतह से टकरा गया। यह हिस्सा अपना मिशन पूरा करने के बाद अंतरिक्ष में छोड़ दिया गया था और बाद में चंद्र सतह से जा टकराया।
जानकारी के अनुसार, फाल्कन-9 रॉकेट को 15 जनवरी 2025 को दो वाणिज्यिक रोबोटिक चंद्र लैंडर के साथ प्रक्षेपित किया गया था। मिशन की सफलता के बाद इसका पहला चरण सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौट आया, जबकि दूसरा चरण अंतरिक्ष में आगे बढ़ता रहा।
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस टक्कर से चंद्रमा की सतह पर करीब 20 से 30 मीटर व्यास का गड्ढा बन गया। इस घटना को वैज्ञानिक अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे चंद्र सतह से जुड़ी नई जानकारियां प्राप्त होने की उम्मीद है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि किसी कृत्रिम वस्तु का चंद्रमा से टकराना बेहद दुर्लभ घटना है। इससे मिले आंकड़े भविष्य के चंद्र मिशनों की बेहतर योजना बनाने और चंद्र सतह को समझने में सहायक होंगे।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने अंतरिक्ष मलबे के लगातार बढ़ते दायरे को लेकर चिंता भी जताई है। उनका मानना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं का अंतरिक्ष अन्वेषण पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसे लेकर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।












