महाकोशल क्षेत्र के एक माननीय की इन दिनों अपने ही जिले के एक बड़े साहब से पटरी नहीं बैठ रही है, क्योंकि बड़े साहब की कार्रवाई साहब के व्यवसाय को प्रभावित करने लगी है। ये वही माननीय हैं, जो कुछ महीनों पहले ऐसी कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को नसीहत देते थे, लेकिन खुद पर आंच आई तो अंगूर खट्टे हैं।














