मन तो कई दिग्गजों का भी उच्च सदन में सीधे प्रवेश करने का है, लेकिन मौका किसे मिलेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। हाल ही में रिक्त हुई एक सीट पर मध्यप्रदेश से ही किसी कार्यकर्ता को मौका मिलेगा या फिर किसी बाहरी को, यह भी तय नहीं है।
लेकिन कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, यह मानकर दर्जनभर से ज्यादा पूर्व, वर्तमान और संगठन में बैठे माननीय दिल्ली, नागपुर और महाकाल की शरण में सक्रिय हैं।














