न्यूयॉर्क, 25 सितंबर।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने संयुक्त राष्ट्र की 81वीं महासभा में संबोधन के दौरान कहा कि नेपाल प्राकृतिक आपदा को भू-राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा नहीं बनाएगा। उन्होंने जलवायु से जुड़ी जिम्मेदारियों को पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
शाह ने बताया कि नेपाल में आई आपदा के कारण 1,400 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि नेपाल इस त्रासदी को भू-राजनीतिक विवाद का आधार नहीं बनाएगा, लेकिन सभी पक्षों को जलवायु के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने हिमालय क्षेत्र को तनाव का क्षेत्र बनाने के बजाय संभावित आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए साझा प्रयोगशाला के रूप में विकसित करने की बात कही।
उन्होंने हिमालय क्षेत्र में भू-सूचना, उपग्रह से मिलने वाली जानकारी और विशेषज्ञता को साझा करने की जरूरत बताई। शाह ने कहा कि इस तरह की जानकारी और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान संभावित नुकसान को रोकने में उपयोगी हो सकता है।













