इस्लामाबाद, 26 सितंबर।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सरहद पर तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तानी रक्षा प्रतिष्ठान का दावा है कि गत 24-25 सितंबर की दरमियानी रात गुलिस्तान सेक्टर में अफगान सीमा की ओर से घुसपैठ और हमले का प्रयास किया गया, जिसे सुरक्षा बलों ने पूरी तरह विफल कर दिया। इस जवाबी कार्रवाई के दौरान लगभग 13 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और कई अन्य के घायल होने की खबर है। पाकिस्तानी सूचना मंत्रालय ने सोशल मीडिया के जरिए अफगानिस्तान के उन दावों को सिरे से खारिज किया है, जिसमें स्पिन बोल्डक के पास पाकिस्तानी चेकपोस्ट को तबाह करने और अफगान पक्ष को किसी भी प्रकार की क्षति न होने की बात कही गई थी। इस्लामाबाद ने इस दावे को झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए झड़प के वीडियो सबूत भी सार्वजनिक किए हैं।
यह ताजा सैन्य टकराव हालिया दिनों में पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में कथित तौर पर ड्रोन घुसपैठ की कई घटनाओं के बाद सामने आया है। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, इन हवाई उल्लंघनों के जवाब में सेना ने अफगानिस्तान के भीतर 10 अलग-अलग ठिकानों पर सटीक हवाई और ड्रोन हमले किए। इसके अलावा, सुरक्षा बलों ने तोरखम सीमा और कोहाट के पहाड़ी इलाकों के पास घुसपैठ करने वाले कुल आठ ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया। दूसरी ओर, सेना के जनसंपर्क विंग (आईएसपीआर) ने अलग से जानकारी दी है कि पिछले 21 सितंबर से बलूचिस्तान प्रांत में चलाए जा रहे व्यापक आतंकवाद-रोधी अभियानों के तहत कुल 33 आतंकवादी मारे जा चुके हैं। इनमें 'ऑपरेशन शबान' और नुश्की जिले में खुफिया इनपुट के आधार पर की गई कार्रवाई शामिल है, जहां आतंकवादियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।
गौरतलब है कि अगस्त 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से ही दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों में खटास आ गई है। पाकिस्तान लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि उसकी सीमा पर होने वाले आतंकवादी हमलों के लिए अफगान जमीन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि काबुल प्रशासन इन आरोपों को खारिज करता आया है। दोनों पक्षों के बीच कई दौर की वार्ताओं के बावजूद सीमा-पार आतंकवाद के मुद्दे पर कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकल सका है, जिसके चलते इस क्षेत्र में लगातार अस्थिरता बनी हुई है।













