सेंट पीटर्सबर्ग, 26 सितंबर।
रूस ने स्पष्ट शब्दों में खारिज कर दिया है कि उसका मॉस्को या किसी भी यूरोपीय देश के खिलाफ किसी प्रकार की सैन्य कार्रवाई करने का कोई इरादा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों द्वारा रूस से संभावित खतरे के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल तनाव पैदा करने की एक सोची-समझी चाल बताया है।
सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित 12वें यूनाइटेड कल्चर फोरम के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि यूरोपीय राष्ट्र यूक्रेन को अपनी सैन्य व वित्तीय सहायता जारी रखने के लिए अनावश्यक रूप से माहौल गरमा रहे हैं। उन्होंने यूरोप के आक्रामक गुटों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे रूस के समग्र विकास को बाधित करने के लिए लगातार यूक्रेन का मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। इस दौरान पुतिन ने एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हानो पेवकुर के उस बयान को भी आड़े हाथों लिया, जिसमें उन्होंने रूस के साथ आसन्न संघर्ष की आशंका जताई थी। रूसी राष्ट्रपति ने इस तरह के बयानों कोरी राजनीतिक बयानबाजी और तमाशा करार दिया।
यूक्रेन के साथ भविष्य में किसी भी प्रकार की शांति वार्ता की संभावना पर चर्चा करते हुए पुतिन ने साफ किया कि मॉस्को इस मसले पर जो भी कदम उठाएगा, वह पूरी तरह से देश के सर्वोच्च राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखकर तय किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि कीव सरकार पर्दे के पीछे से युद्धविराम की संभावनाओं पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है, जिसमें ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचों पर हमले रोकने और रूस के काला सागर तट की कथित नाकेबंदी को खत्म करने जैसे अहम बिंदु शामिल हैं। हालांकि, इसके बावजूद यूक्रेनी सेना की तरफ से रूसी ठिकानों पर हमले लगातार जारी हैं।
पुतिन ने अंत में दोहराया कि यूरोप पर रूसी हमले की झूठी और मनगढ़ंत कहानियां इसलिए गढ़ी जा रही हैं ताकि यूरोपीय देशों की सरकारें अपने नागरिकों के सामने यूक्रेन पर किए जा रहे भारी-भरकम खर्च और मदद को उचित ठहरा सकें।













