काबुल, 28 सितंबर।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय की ओर से यह दावा किया गया है कि रविवार को नूरिस्तान प्रांत में उनके सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सैन्य कार्रवाई के दौरान कुल 28 लड़ाकों को ढेर कर दिया है और इस झड़प में 32 अन्य लोग घायल भी हुए हैं, क्योंकि यह पूरी कार्रवाई पाकिस्तान की तरफ से आए एक सशस्त्र समूह की सीमा पार घुसपैठ की कोशिश के बाद अंजाम दी गई थी और अफगान प्रशासन ने यह गंभीर आरोप भी लगाया है कि पाकिस्तानी मिलिशिया ने इस घुसपैठ को अंजाम देने में पूरी मदद की थी।
इस बीच एक ऑनलाइन समाचार नेटवर्क की रिपोर्ट के हवाले से अफगान रक्षा मंत्रालय ने यह भी दावा किया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की तरफ से सहायता का हवाला देकर अफगान सेना के पुराने सैनिकों को नौकरी का झांसा देकर भर्ती किया जाता है और उन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर नूरिस्तान की सीमा की तरफ भेजा जाता है, हालांकि इन तमाम दावों की किसी भी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हो पाई है, जबकि इससे ठीक एक दिन पहले शनिवार को अफगान अधिकारियों ने यह जानकारी दी थी कि सीमा सुरक्षा बलों ने कामदेश जिले में डूरंड लाइन के निकट घुसपैठ के प्रयास को विफल करते हुए 10 लड़ाकों को मौत के घाट उतार दिया था और 6 लोगों को गिरफ्तार किया था, तथा अधिकारियों का यह भी आरोप था कि अफगानिस्तान फ्रीडम फ्रंट के कुछ गुट इस्लामिक स्टेट के साथ मिलकर इस प्रकार की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
दूसरी तरफ अफगानिस्तान फ्रीडम फ्रंट ने इन सभी घटनाओं का एक बिल्कुल अलग ही ब्योरा पेश करते हुए कहा है कि शनिवार की सुबह तालिबान के सुरक्षा बलों ने ड्रोन के माध्यम से उनके ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया था, जिसके बाद उनके सशस्त्र लड़ाकों ने भी इसका कड़ा जवाब देते हुए जवाबी कार्रवाई की और कई सैन्य चौकियों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया, साथ ही एएफएफ की तरफ से यह भी दावा किया गया कि तालिबान के जवान अरंडू और कामदेश के कुछ इलाकों से पीछे हटने पर मजबूर हो गए और पड़ोसी कुनार प्रांत के नारी जिले की तरफ भाग निकले, जबकि इस खूनी संघर्ष के बाद सामने आए कुछ वीडियो फुटेज में हिरासत में लिए गए लोगों ने कथित रूप से यह कुबूल किया है कि उन्हें ईरान के रास्ते पाकिस्तान के चित्राल ले जाया गया था जहाँ उन्हें पाकिस्तानी सैन्य शिविरों में विधिवत प्रशिक्षण दिया गया था, हालांकि इन बयानों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, और यह सारा ताजा घटनाक्रम पाकिस्तान द्वारा बीते 21 सितंबर को अफगानिस्तान की सीमा के अंदर किए गए हवाई हमलों के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है, जिसमें पाकिस्तान ने अपने हमलों में 28 उग्रवादियों को मार गिराने का दावा किया था जबकि इसके विपरीत अफगान अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया था कि उन हमलों में तीन निर्दोष नागरिकों की मौत हुई थी जिसकी पुष्टि बाद में अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने भी एक पुरुष, एक महिला और एक छोटी बच्ची की मौत के रूप में कर दी थी।













