उज्जैन, 30 सितंबर।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के हुई भस्म आरती में भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह शामिल हुए। पहली बार भस्म आरती में पहुंचे रिंकू सिंह करीब दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठे रहे और बाबा महाकाल के दर्शन करते रहे। इस दौरान वे हाथ जोड़कर भगवान का ध्यान करते और महाकाल का जाप करते नजर आए। आरती के बाद उन्होंने मंदिर की देहरी से बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया और पुजारियों के माध्यम से जल अर्पित किया।
रिंकू सिंह सुबह करीब चार बजे मंदिर पहुंचे थे। भस्म आरती की पूरी प्रक्रिया के दौरान वे नंदी हॉल में बैठे रहे और काफी देर तक भक्ति में लीन दिखाई दिए। मंदिर समिति की ओर से उनका सम्मान भी किया गया। दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि मंदिर आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा और पहली बार भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल के दर्शन करने का अवसर मिला।
गणेश स्वरूप में सजे बाबा महाकालबुधवार को अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के अवसर पर बाबा महाकाल का विशेष गणेश स्वरूप शृंगार किया गया। मंदिर के कपाट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक किया गया।
पूजन के बाद बाबा महाकाल को भांग, चंदन और सिंदूर से गणेश स्वरूप दिया गया। उन्हें रजत आभूषणों से सजाया गया। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। इसके बाद फल, सूखे मेवे और मिठाई का भोग लगाया गया।
भस्म अर्पण के बाद साकार स्वरूप में दर्शनभस्म आरती की परंपरा के तहत भस्म अर्पित करने से पहले प्रथम घंटाल बजाया गया और हरिओम का जल चढ़ाया गया। मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद भगवान का विशेष अलंकरण हुआ। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। बुधवार की आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। नंदी हॉल से दर्शन करते श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के जयकारे लगाए। आरती के दौरान मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के उद्घोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कहीं और बाबा महाकाल से आशीर्वाद मांगा।














