उज्जैन, 07 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का एक अत्यंत मनमोहक और भव्य गणेश स्वरूप में शृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु भावविभोर हो गए। आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि पर तड़के मंदिर के कपाट खोले जाने के बाद वीरभद्र जी को प्रणाम कर स्वस्ति वाचन किया गया और चांदी का द्वार खोलकर पुजारियों द्वारा गर्भगृह में पंचामृत अभिषेक व कपूर आरती संपन्न की गई। भस्म अर्पण से पहले पारंपरिक विधि-विधान से भगवान को हरिओम का जल अर्पित किया गया और महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म रमाई गई, जिसके बाद भांग, चंदन, सिंदूर, शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष और fragrant पुष्पों से बाबा महाकाल का दिव्य अलंकरण किया गया।
भस्म आरती के इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में भारी संख्या में भक्तों की उपस्थिति रही, जिन्होंने निराकार से साकार हुए महाकाल के इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। आरती के उपरांत श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित नंदी महाराज के समीप पहुंचकर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कहीं, जिससे पूरा प्रांगण भगवान के जयकारों और हर हर महादेव की गूंज से ओतप्रोत हो गया। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, भस्म अर्पण के पश्चात भगवान महाकाल अपने भक्तों को साक्षात रूप में आशीर्वाद प्रदान करते हैं, और इस दुर्लभ दर्शन लाभ के लिए दूर-दूर से शिव भक्त उज्जैन नगरी में खींचे चले आते हैं।













