वॉशिंगटन, 02 अक्टूबर।
नासा का स्पेसएक्स क्रू-13 मिशन गुरुवार को रिकॉर्ड समय में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पहुंच गया। स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान ने प्रक्षेपण के केवल 7 घंटे 55 मिनट बाद आईएसएस के हार्मनी मॉड्यूल के फॉरवर्ड पोर्ट पर सफलतापूर्वक डॉकिंग की। नासा के अनुसार, किसी अमेरिकी अंतरिक्ष यान के लिए यह आईएसएस तक पहुंचने का अब तक का सबसे कम लॉन्च-टू-डॉकिंग समय है।
क्रू-13 को लेकर स्पेसएक्स का फाल्कन-9 रॉकेट गुरुवार सुबह 11:10 बजे फ्लोरिडा स्थित केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स-40 से रवाना हुआ। ड्रैगन में नासा की अंतरिक्ष यात्री जेसिका वॉटकिंस और ल्यूक डेलानी, कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री जोशुआ कुट्रिक तथा रूस की रोस्कोस्मोस के कॉस्मोनॉट सर्गेई टेटेरियाटनिकोव सवार थे।
उड़ान के बाद फाल्कन-9 का पहला चरण अलग होकर केप कैनावेरल स्थित स्पेसएक्स के लैंडिंग जोन-40 में सफलतापूर्वक वापस उतर गया। इसके बाद ड्रैगन दूसरे चरण से अलग हुआ और निर्धारित कक्षा में पहुंचकर आईएसएस की ओर बढ़ा।
शाम 7:05 बजे ड्रैगन ने आईएसएस के हार्मनी मॉड्यूल के फॉरवर्ड पोर्ट से डॉकिंग पूरी की। लॉन्च से लेकर डॉकिंग तक 7 घंटे 55 मिनट का समय लगा। नासा ने इसे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचने वाला किसी अमेरिकी अंतरिक्ष यान का सबसे तेज सफर बताया है।
डॉकिंग के बाद चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने लीक जांच और दबाव सामान्य करने की जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कीं। रात 9:19 बजे ड्रैगन का हैच खोला गया, जिसके बाद चारों अंतरिक्ष यात्री आईएसएस के अंदर पहुंचे।
क्रू-13 अब आईएसएस पर मौजूद अभियान 75 के दल का हिस्सा बन गया है। इस दल में नासा के जेसिका मीर, जैक हैथवे और अनिल मेनन, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की सोफी एडेनोट तथा रोस्कोस्मोस के प्योत्र डुब्रोव, अन्ना किकिना और आंद्रेई फेड्याएव शामिल हैं।
मिशन के दौरान क्रू-13 के अंतरिक्ष यात्री सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में वैज्ञानिक अनुसंधान, मानव स्वास्थ्य और पौधों की वृद्धि से जुड़े प्रयोग करेंगे। इसके अलावा कई तकनीकी परीक्षण भी किए जाएंगे।













