चैपल हिल, 08 सितंबर।
भारत अगली पीढ़ी की 6जी दूरसंचार तकनीक के विकास को दिशा देने वाली अंतरराष्ट्रीय पहल में शामिल हो गया है। इस पहल में अमेरिका के साथ 24 अन्य देश भी भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य अगली पीढ़ी के संचार नेटवर्क को साझा सुरक्षा हितों के अनुरूप विकसित करना, प्रतिस्पर्धा को मजबूत करना और नवाचार को बढ़ावा देना है।
यह घोषणा केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक की मुलाकात के बाद हुई। दोनों नेताओं ने 6जी तकनीक के भविष्य और अगली पीढ़ी के दूरसंचार नेटवर्क के विकास में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर चर्चा की।
बैठक के दौरान भारत और अमेरिका के बीच सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डाटा केंद्रों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। जितिन प्रसाद ने आईएसएम 2.0 में अधिक अमेरिकी निवेश की संभावनाओं को प्रोत्साहित किया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक साझेदारी को मजबूत करने का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए सुरक्षा उपायों से जुड़ी व्यवस्था भी साझा की। जितिन प्रसाद ने अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना स्थित चैपल हिल में आयोजित जी-20 नवाचार मंत्रिस्तरीय बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
एक और दो सितंबर को आयोजित इस बैठक की मेजबानी अमेरिकी वाणिज्य विभाग और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय ने की। बैठक का समापन जी-20 नवाचार मंत्रिस्तरीय वक्तव्य के साथ हुआ।
वक्तव्य में उभरती प्रौद्योगिकियों की समृद्धि, उत्पादकता और नए अवसर पैदा करने की क्षमता पर जोर दिया गया। भारत ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, रोबोटिक्स और अन्य उभरती तकनीकों में रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत का उद्देश्य इन क्षेत्रों में नवाचार, आर्थिक विकास और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए अधिक अवसर तैयार करना है।















