विदिशा, 11 सितंबर।
विश्व डायबिटीज फाउंडेशन के निदेशक मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को विदिशा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का क्षेत्रीय भ्रमण किया। विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने गर्भावस्था के दौरान होने वाली मधुमेह और गैर-संचारी रोगों से संबंधित सेवाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
प्रतिनिधिमंडल ने विकासखंड विदिशा के छीरखेड़ा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र और बागरी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया। यहां गर्भवती महिलाओं की जांच, आवश्यकतानुसार संदर्भन और उपचार के बाद नियमित निगरानी की व्यवस्था देखी। सदस्यों ने स्वास्थ्यकर्मियों से संवाद कर सेवाओं की पहुंच और स्वास्थ्य व्यवस्था में इनके समन्वय की जानकारी ली।
प्रतिनिधिमंडल ने इस बात को समझा कि गर्भावस्था के दौरान मधुमेह और गैर-संचारी रोगों से जुड़ी सेवाओं को नियमित स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़कर समुदाय तक पहुंचाया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों ने गर्भवती महिलाओं की जांच, संदर्भन और उपचार के बाद निगरानी की प्रक्रिया की जानकारी दी।
विश्व डायबिटीज फाउंडेशन के बोर्ड ने मध्य प्रदेश में इन सेवाओं को मजबूत करने में स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी संस्था झपिएगो और विश्व स्वास्थ्य संगठन की भूमिका की सराहना की। राज्य, जिला और विकासखंड स्तर के अधिकारियों तथा स्वास्थ्यकर्मियों के समन्वित प्रयासों की भी प्रशंसा की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर समन्वय महत्वपूर्ण है। उन्होंने मध्य प्रदेश में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के भीतर इन सेवाओं के क्रियान्वयन और विस्तार के अनुभव को उपयोगी मॉडल बताया।
यह भ्रमण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामहित कुमार के मार्गदर्शन में हुआ। इस दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. हेमंत पंचोली, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास सिंह बघेल सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।














