नई दिल्ली, 11 सितंबर।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग को केवल संभावनाओं तक सीमित न रखने की जरूरत बताई है। उन्होंने व्यापार, निवेश और संयुक्त वित्तपोषण का मजबूत नेटवर्क तैयार करने पर जोर दिया। पेजेश्कियन ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता, आपूर्ति शृंखला में व्यवधान और आर्थिक दबाव बढ़ने के दौर में ब्रिक्स की सामूहिक आर्थिक क्षमता को व्यावहारिक सहयोग में बदलना जरूरी है।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में उन्होंने बैठक की मेजबानी के लिए भारत सरकार और जनता का आभार जताया। साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ब्रिक्स सहयोग मजबूत करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र, कारोबारी संस्थानों और उद्यमियों की भागीदारी से सहयोग को वास्तविक आर्थिक परिणामों में बदला जा सकता है।
ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने बताया कि वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में निम्न और मध्यम आय वाले देशों की हिस्सेदारी 1960 के दशक के करीब 20 प्रतिशत से बढ़कर अब 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है। ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अंतर-ब्रिक्स व्यापार बढ़ाने और आपूर्ति शृंखला को अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 2003 में ब्रिक्स देशों का वस्तु निर्यात करीब 900 अरब डालर था, जो 2024 में लगभग छह खरब डालर हो गया। वैश्विक निर्यात में हिस्सेदारी भी 12 से बढ़कर 24 प्रतिशत हुई है।















